परिवहन निगम की बसों में महिला यात्रियों को 50 प्रतिशत छूट प्रदान करने की घोषणा

मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक चम्बा चौगान में राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता की

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज चम्बा जिला के ऐतिहासिक चम्बा चौगान में आयोजित 75वें राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने तिरंगा फहराया और पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी और एनएसएस की टुकड़ियों से सलामी ली।
परेड का नेतृत्व एसडीपीओ सलूणी भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के मयंक चौधरी ने किया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश का भी प्रसारण किया गया। संदेश में प्रधानमंत्री ने भौगोलिक और अन्य बाधाओं के बावजूद राज्य की विकास यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में राज्य ने ऊर्जा, बागवानी, पर्यटन और सम्बद्ध क्षेत्रों में प्रगति की है।
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि डबर्ल इंजन सरकारों के समन्वय से राज्य में सड़क नेटवर्क सुदृढ़ हुआ है तथा प्रदेश पर्यटन और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में विकास के नए अवसर सृजित कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व में राज्य में सभी केंद्रीय योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जय राम ठाकुर के ईमानदार नेतृत्व और परिश्रमी प्रदेशवासियों के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश देश के सबसे विकसित राज्य के रूप में उभरेगा।
मुख्यमंत्री ने इस पावन अवसर पर राज्य के लोगों का अभिनंदन करते हुए स्वतंत्रता सेनानियों, हिमाचल निर्माता और प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों के योगदान की सराहना की और जिन्होंने हिमाचल को प्रगति पथ पर आगे बढ़ाया। उन्होंने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान राज्य को औद्योगिक पैकेज प्रदान किया था। उन्होंने कहा कि अटल टनल रोहतांग भी अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साकार किया। उन्होंने कहा कि 3500 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस सुरंग से लाहौल घाटी को हर मौसम में सड़क सम्पर्क प्रदान करने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक दिन पर राज्य के लोगों को प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए संदेश के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह पहला अवसर है जब किसी प्रधानमंत्री ने हिमाचल दिवस के अवसर पर प्रदेश के लोगों को बधाई दी है।
मुख्यमंत्री ने हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में महिला यात्रियों को 50 प्रतिशत छूट प्रदान करने की घोषणा करते हुए कहा कि इससे महिलाओं को लगभग 60 करोड़ रुपये के लाभ प्राप्त होंगे। उन्होंने प्रथम जुलाई से सभी विद्युत उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक जीरो बिल की सुविधा प्रदान करने व उनसे कोई विद्युत बिल न लेने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के 11.5 लाख विद्युत उपभोक्ताओं को 250 करोड़ रुपये के लाभ प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे सभी परिवारों से पानी का कोई बिल न लेने की भी घोषणा की, जिससे प्रदेश के ग्रामीण परिवारों को 30 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ प्रदान होंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर होली-उतराला सड़क के कार्य में तेजी लाने के लिए पांच करोड़ रुपये और चम्बा मुख्यालय में लोगों की सुविधा के लिए मिनी सचिवालय खोलने की घोषणा की। उन्होंने चम्बा शहर के सौंदर्यीकरण तथा शहर में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाने की भी घोषणा की।
जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य को भी कोरोना महामारी के कारण कठिन समय का सामना करना पड़ा है, लेकिन लोगों के सहयोग से प्रदेश न केवल इस स्थिति को नियंत्रित करने में सक्षम रहा बल्कि विकास की गति को भी निर्बाध रखा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को विकास के मामले में केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हिमाचल प्रदेश के प्रति विशेष लगाव के कारण उनके कार्यकाल में राज्य को हजारों करोड़ रुपये की की परियोजनाएं की सौगात मिली हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और प्रदेश का तीव्र और संतुलित विकास सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपनी पहली मंत्रिमंडल बैठक में बिना किसी आय सीमा के वृद्धावस्था पेंशन प्रदान करने के लिए आयु सीमा को 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष कर दिया, जिसे अब और घटाकर 60 वर्ष कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर 436 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे थे, जबकि वर्तमान में इस पर 1300 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं।
जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने लोगों की शिकायतों का उनके घर-द्वार पर समाधान करने के उद्देश्य से जनमंच आयोजित करने की अनूठी पहल की है। अब तक 244 स्थानों पर आयोजित 25 जनमंच में प्राप्त 54,565 शिकायतों में से 90 प्रतिशत से अधिक का समाधान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति घर बैठे ही अपनी शिकायत दर्ज करवाकर निर्धारित समयावधि के भीतर अपनी समस्याओं का समाधान पा सकता है। उन्होंने कहा कि इस हेल्पलाइन पर अब तक करीब 3.55 लाख शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 3.41 लाख का निपटारा किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना महिलाओं के लिए वरदान साबित हुई है और उन्हें मुफ्त गैस कनेक्शन देकर पारंपरिक चूल्हों और ईधन लकड़ी इकट्ठा करने से काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के उन पात्र परिवारों के लिए मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना शुरू की जो उज्ज्वला योजना के तहत कवर नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 3.25 लाख परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन सहित तीन सिलेंडर प्रदान किए जा रहे हैं, साथ ही 1.37 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत भी मुफ्त गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार ने इस वित्तीय वर्ष से इन दोनों योजनाओं के तहत लाभार्थियों को एक और अतिरिक्त मुफ्त सिलेंडर देने का निर्णय किया है और प्रदेश धुआंमुक्त राज्य घोषित होने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने जनवरी, 2019 से हिमकेयर योजना आरम्भ की है, जिसके तहत लाभार्थी परिवार के पांच सदस्यों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक 5.40 लाख परिवारों को हिमकेयर योजना के तहत पंजीकृत किया गया है और 218 करोड़ रुपये व्यय कर 2.40 लाख मरीजों को कैशलेस ईलाज उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री सहारा योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को 3,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रतिमाह प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत लगभग 18 हजार लाभार्थियों को 60.50 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत 31 हजार रुपये की वित्तीय सहायता गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की बेटियों की शादी के लिए प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत स्टार्टअप के लिए एक करोड़ रुपये तक की मशीनरी, उपकरण और औद्योगिक संयंत्र में निवेश करने पर युवाओं को 25 प्रतिशत उपदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत उपदान को अब महिलाओं के लिए 30 से बढ़ाकर 35 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांगजनों के लिए 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत उपदान कर दिया गया है। अब तक, लगभग 624 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 3758 इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं जिससे 10 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।
जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में कृषि क्षेत्र को एक नया आयाम देने में ‘प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना’ कारगर साबित हुई है और 1.68 लाख से अधिक प्रगतिशील किसानों ने इस योजना को अपनाया है। उन्होंने कहा कि नवम्बर, 2019 को प्रदेश के धर्मशाला में पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन किया गया, जिसमें 96,721 करोड़ रुपये के निवेश के 703 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने कहा कि 13,656 करोड़ रुपये की लागत के 240 परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग शिमला में आयोजित की गई और 27 दिसंबर, 2021 को राज्य सरकार के चार साल के कार्यकाल के पूर्ण होने के अवसर पर मंडी में प्रधानमंत्री द्वारा 28,197 करोड़ रुपये के 287 परियोजनाओं की दूसरा ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नई राहें-नई मंजिलें योजना के तहत 200 करोड़ रुपये से राज्य में विभिन्न पर्यटन स्थलों को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अकुशल दैनिक वेतन भोगियों के न्यूनतम वेतन में 50 रुपये की बढ़ोतरी के साथ न्यूनतम वेतन 350 रुपये प्रति दिन और वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान दैनिक वेतन में 140 रुपये की वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि आंगनबाडी कार्यकर्ताओं का मानदेय 1700 रुपये, आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय को 1825 रुपये बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि एस.एम.सी. शिक्षकों के मानदेय को 1000 रुपये बढ़ाया गया है। इसी प्रकार विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के मानदेय में भी 900 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की गई है।
मुख्यमंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौरान ऑनलाइन पुस्तकालय सुविधा आरम्भ करने के लिए जिला प्रशासन कुल्लू (उपायुक्त आशुतोष गर्ग), टीकाकरण अभियान में अपनी भूमिका के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एम.डी. एन.एच.एम. हेमराज बैरवा) और टीकाकरण अभियान में उपलब्धि के लिए जिला प्रशासन किन्नौर (उपायुक्त आबिद हुसैन) को सिविल सेवा पुरस्कार प्रदान किए।
मुख्यमंत्री ने पुलिस ऑर्केस्ट्रा हार्मनी ऑफ द पाइन्स, बेसहारा पशुओं की सहायता के लिए एन.जी.ओ. क्रांति के धीरज महाजन, भारत के प्रथम मतदाता श्याम सरन नेगी, डॉ. टेक चंद, पद्मश्री बाबा इकबाल सिंह (प्राप्तकर्ता सरदार जगजीत सिंह), पद्मश्री विद्यानंद सरैक, पद्मश्री ललिता वकील, प्रसिद्ध लेखक डॉ. गौतम शर्मा, डॉ. प्रीत्यूष गुलेरी और विजय राज उपाध्याय को प्रेरणा स्रोत पुरस्कार-2022 प्रदान किए गए।
उन्होंने इस अवसर पर मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (मुकेश रेशपर ने पुरस्कार प्राप्त किया) और डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय की डॉ. निवेदिता शर्मा को राज्य नवाचार पुरस्कार-2022 भी प्रदान किया।
इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया।
राज्य विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार, सांसद किशन कपूर, मुख्य सचेतक विक्रम जरयाल, विधायक पवन नैय्यर और जिया लाल कपूर, विभिन्न बोर्डों और निगमों के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष, मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, सचिव सामान्य प्रशासन भरत खेड़ा, उपायुक्त चम्बा डी.सी राणा, निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क हरबंस सिंह ब्रसकोन अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित उपस्थित थे।
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