कया कांटों के बीच कमल खिला पाएंगे रत्न पाल

     अर्की  राजेन्द्र शर्माःॅ  विधानसभा क्षेत्र अर्की  में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन के बाद खाली हुई विधानसभा सीट के लिए होने वाले  उप-चुनाव के लिए चुनावी सरगर्मीयां जोरों पर है। 
   बतातें चले किं प्रदेश में 6 बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र  ने अर्की विस क्षेत्र से चुनाव लडा था, जिसमें कि वे करीब 6 हजार मतों के अन्तर से अपने निकटतम प्रतिद्वंदी रत्न सिंह पाल को हराने में कामयाब हुए थे।
   गत दिन अर्की कल्याण सभा के एक सम्मेलन ने भाजपा की मुशकिलें बढा दी हैं, सम्मेलन के दौरान अर्की विस से 2 बार विधायक रहे गोंिबंद राम शर्मा सहित कुछ अन्य भाजपा के वरिष्ठ सदस्यों ने 
  जिस प्रकार टिक्ट आवंटन मंें अंदेशे को लेकर अपनी अहसति जताई है  उससे भाजपा में फूट और अन्तर्कलह जगजाहिर  हो गई है,  दावा किया गया है कि गैर सरकारी संसथा के सम्मेलन के दौरान 
   स्थानीय पंचायत प्रधानों सहित बीडीसी सदस्य भी इस सम्मेलन में मौजूद थे।  

       उल्लेखनीय है कि अभी तक भाजपा प्रत्याशी रत्न चंद पाल जिन्होनें  6 बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे  स्वर्गीय वीरभद्र सिंह कोे भी पूर्व विधानसभा  चुनावों में कडी टक्कर दी  थी को  भी इस बार 
भाजपा प्रत्याषी बनाया जा सकता है और वे पार्टी टिक्ट के सशक्त दावेदार मानें जा रहे हैं । गौर हो कि  रत्न चंद पाल एक स्वच्छ छवि  और दमदार नेता है देखना होगा कि वे इस बार के उपचुनाव मंे अपना जलवा किस कदर बिखेरते हैं,  वर्तमान में रत्न चंद पाल भाजपा के उपाध्यक्ष को आॅपरेटिव सोसाईटी के अध्यक्ष  हैं और संगठन के साथ जनता में मजबूत पकड रखते है।

  देखना काबिले गौर हो  की बगावत के कीचड के बीच पाल कमल खिलाने में  किस कदर कामयाब होते हैं।  इतिहास गवां है की अर्की विस क्षेत्र हर विधानसभा चुनावों में सुर्खियों में रहा है बात चाहे
15 वर्ष पूर्व सबसे ज्यादा उम्मीदवारों को लेकर हो  पैराशूट नेताओं की  या फिर  पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के चुनाव लडने के कारण हाॅट सीट की ।  









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