May 22, 2022

हिमाचल प्रदेश मंत्रिमण्डल के निर्णय

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हिमाचल प्रदेश मंत्रिमण्डल के निर्णय मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित प्रदेश मंत्रिमण्डल की बैठक में राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री मोबाइल क्लीनिक प्रारम्भ करने को स्वीकृति प्रदान की गई। दूर-दराज के सीमित स्वास्थ्य सुविधाओं वालेे क्षेत्रों में यह मोबाइल क्लीनिक सामान्य प्रैक्टिशनर/विशेषज्ञ चिकित्सक के माध्यम से जांच, सलाह, औषध विधि एवं दवाइयां प्रदान करने, आधारभूत प्रयोगशाला सेवाएं, टीकाकरण सुविधा सहित अन्य सेवाएं उपलब्ध करवाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और दायरे को और सुदृढ़ किया जा सकेग।मंत्रिमण्डल ने वर्ष 2015-16 में नियुक्त पुलिस कांस्टेबल की श्रेणियों को 1 जनवरी, 2022 से लागू हिमाचल प्रदेश (संशोधित वेतनमान) नियम-2022 जो कि 1 जनवरी, 2016 से प्रभावी हैं, के अन्तर्गत कांस्टेबल को नोशनल आधार पर उच्च प्री रिवाइजड पे-बैंड और ग्रेड पे प्रदान करने का निर्णय लिया। कांस्टेबल अब संबंधित फैक्टर में वेतन निर्धारण के लिए अपनी ऑप्शन दे सकेंगे और उसी के अनुसार संशोधित नियमों के अन्तर्गत उन्हें एरियर का भुगतान किया जाएगा।मंत्रिमंडल ने आयकर से संबंधित सैलरीज एंड अलाउंसिज ऑफ मिनिस्टर्ज (हिमाचल प्रदेश) एक्ट, 2000 की धारा 12 और हिमाचल प्रदेश लेजिस्लेटिव असेम्बली (अलाउंसिज एंड पेंशन ऑफ मेम्बर्ज) एक्ट 1971 की धारा 11-ए को अध्यादेश जारी कर खत्म करने का निर्णय लिया, जिसके तहत आयकर का भुगतान वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा किया जाता है और यह अब व्यक्तिगत रूप से देय होगा।  मंत्रिमण्डल ने अधिक से अधिक पात्र श्रेणियों को योजना के अन्तर्गत लाने के दृष्टिगत मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना-2022 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की। महिला और दिव्यांग पात्र लाभार्थियों का अनुदान बढ़ाकर 35 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का अनुदान बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया।इसके अतिरिक्त उन्नत डेयरी विकास परियोजना के अन्तर्गत जनजातीय क्षेत्रों में भैंस की न्यूनतम इकाई को शामिल करने तथा राज्य के अन्य क्षेत्रों में पांच गाय/पांच भैंस की न्यूनतम इकाई शामिल करने को स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना के अन्तर्गत पशु खरीदने के लिए अनुदान प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया।मंत्रिमण्डल ने लोक निर्माण विभाग में सड़कों के रख-रखाव और विभागीय कार्य के लिए 5000 वर्कर की भर्ती के लिए ड्राफ्ट पॉलिसी को स्वीकृति प्रदान की। इन वर्कर को 4500 रुपये मानदेय दिया जाएगा।

मंत्रिमण्डल ने लाहौल-स्पीति जिला के उप-विकास खण्ड उदयपुर को विकास खण्ड में स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया गया।मंत्रिमण्डल ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सुचारू संचालन के दृष्टिगत बोर्ड के अध्यक्ष, सदस्य सचिव, गैर सरकारी और अन्य सदस्यों को नामित/नियुक्त करने एवं अन्य सेवा नियमों केे विनियमन से सम्बन्धित दिशा-निर्देशों को स्वीकृति प्रदान की।मंत्रिमण्डल ने लोगों की सुविधा के दृष्टिगत मण्डी जिला की उप-तहसील मण्डप के अन्तर्गत बनेरड़ी में कानूनगो वृत के सृजन को अपनी स्वीकृति प्रदान की।मंत्रिमण्डल ने शिमला जिला के मोहाल भूठ को पटवार वृत भमनोली से निकालकर पटवार वृत्त बछुछ में शामिल करने को भी स्वीकृति प्रदान की।बैठक में कुल्लू जिला के खाराहल पटवार वृत के द्विभाजन/पुनर्गठन के उपरान्त दो नए पटवार वृत बनाने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। यह नए पटवार वृत चिंजा और चन्सारी होंगे।मंत्रिमण्डल ने कांगड़ा जिला की उप-तहसील कोटला के मोहाल कालडू को पटवार वृत नधोली से निकाल कर तहसील जवाली के पटवार वृत हरैंण में शामिल करने का भी निर्णय लिया।बैठक में कांगड़ा जिला की उप-तहसील गंगथ के अन्तर्गत पटवार वृत सुखड़ को पुनर्गठित कर दो नए पटवार वृत धनेटी, गरलां एवं अनोह के सृजन को भी स्वीकृति दी गई।मंत्रिमण्डल ने बिलासपुर जिला की घुमारवीं तहसील के अन्तर्गत हरलोग में नई उप-तहसील खोलने का भी निर्णय लिया ताकि स्थानीय लोगों को सुविधा प्रदान की जा सके।बैठक में कांगड़ा जिला के पटवार वृत मैंझा को पालमपुर तहसील से निकाल कर उप-तहसील सुलह में शामिल करने और पटवार वृत बाग वुहला को निकाल कर पालमपुर तहसील में शामिल करने को स्वीकृति प्रदान की गई।बैठक में मण्डी जिला की उप-तहसील बगस्याड से पटवार वृत परलोग, सरत्योला, सवामाहुं और बखरोट को निकाल कर इन्हें करसोग तहसील में शामिल करने तथा पटवार वृत शोरशन को उप-तहसील पांगणा से निकाल कर बगस्याड तहसील में शामिल करने को भी स्वीकृति प्रदान की गई।