August 18, 2022

ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का शुभारंभ किया

Spread the love

हिमाचल प्रदेश के मंडी में एक भव्य समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के शिमला और कुल्लू जिले में स्थित 210 मेगावाट लूहरी स्टेज-1 जल विद्युत परियोजना और हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर और कांगड़ा जिले में स्थित 66 मेगावाट धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना की वर्चुअल माध्यम से आधारशिला रखी।

श्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के शिमला और मंडी जिले में स्थित 382 मेगावाट सुन्नी बांध जल विद्युत परियोजना के ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का भी शुभारंभ किया।इस ऐतिहासिक अवसर पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर और केन्द्रीय मंत्री, सूचना एवं प्रसारण और युवा मामले एवं खेल, श्री अनुराग ठाकुर भी उपस्थित रहे।परियोजनाओं को एसजेवीएन द्वारा बिल्ड-ओन-ऑपरेट-मेंटेन (बूम) के आधार पर क्रियान्वित किया जा रहा है। लूहरी स्टेज-1 जल विद्युत परियोजना और सुन्नी बांध जल विद्युत परियोजना सतलुज नदी पर और धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना ब्यास नदी पर स्थित है।एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री नन्द लाल शर्मा ने बताया कि नवंबर 2020 में, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति द्वारा 210 मेगावाट की लूहरी स्टेज-1 जल विद्युत परियोजना के लिए 1810 करोड़ रुपए की परियोजना लागत को मंजूरी दी गई। परियोजना को जनवरी, 2026 तक कमीशन किया जाना निर्धारित हैl कमीशनिंग के उपरांत यह परियोजना सालाना 758.20 मिलियन यूनिट विद्युत का उत्पादन करेगी। इस परियोजना को 66 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता भी प्रदान की गई है।श्री शर्मा ने बताया कि लूहरी स्टेज-1 परियोजना की मुख्य विशेषता है कि परियोजना में 80 मीटर ऊंचे कंक्रीट ग्रेविटी स्टोरेज बांध का निर्माण किया जाना है। बांध से दो मुख्य पेनस्टॉक और दो सहायक पेनस्टॉक क्रमशः 80 मेगावाट प्रत्येक की दो टर्बाइनों और 25 मेगावाट प्रत्येक की दो टर्बाइनों का प्रचालन करेंगे। सरफेस पावरहाउस, बांध के टो में स्थित होगा। पर्यावरण के संरक्षण में योगदान करते हुए इस परियोजना से प्रतिवर्ष पर्यावरण से 6.1 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि लूहरी स्टेज-1 जल विद्युत परियोजना बीस लाख मानव कार्य दिवस रोजगार के अवसर सृजित करेगी, जबकि हिमाचल प्रदेश राज्य को चालीस साल के परियोजना जीवनका के दौरान लगभग 1140 करोड़ रुपए की मुफ्त बिजली से अत्यधिक लाभ होगा।

श्री शर्मा ने यह भी बताया कि भारत सरकार ने 66 मेगावाट की धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना की 687.97 करोड़ रुपए की परियोजना लागत को मंजूरी दी है और इस परियोजना के लिए 21.6 करोड़ रुपए की बजटीय सहायता भी प्रदान की गई है। परियोजना को नवम्बर, 2025 में पूरा किए जाने का लक्ष्य हैl इस परियोजना के पूरा होने पर सालाना 304 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादित होगीl  

श्री शर्मा ने कहा कि धौलासिद्ध परियोजना की मुख्य विशेषताओं में 70 मीटर ऊंचे कंक्रीट ग्रेविटी स्टोरेज बांध का निर्माण होना है, जो क्रमशः 33 मेगावाट प्रत्येक की दो टर्बाइनों का प्रचालन करेगा। इस परियोजना में एक टो डैम सरफेस पावर हाउस होगा और इस परियोजना के पूरा होने पर सालाना पर्यावरण से 2.4 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड की कमी होगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के परिणामस्वरूप आठ लाख मानव कार्य दिवस रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जबकि हिमाचल प्रदेश को इस परियोजना से 461 करोड़ रुपए की मुफ्त विद्युत का लाभ होगा।