October 27, 2021

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योजनाओं का गीत-संगीत व लोक नाट्य के माध्यम से प्रचार किया

शिमला
सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के अंतर्गत त्रिमूर्ति रंगमंच के कलाकारों ने आज ग्राम पंचायत थड़ी व मौहरी, वंदना कला मंच ने ग्राम पंचायत टियाली व चियोग, लोटस वेलफेयर सोसायटी ने ग्राम पंचायत केलवी व धर्मपुर, स्वर साधना कला मंच ने ग्राम पंचायत खड़ा पत्थर व मंढोल तथा जय देव कुर्गण सामाजिक एवं सांस्कृतिक कला मंच ने ग्राम पंचायत शकरोड़ी व घरयाणा में प्रदेश सरकार की नीतियों व कार्यक्रमों तथा अनुसूचित जाति के कल्याणार्थ सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न विकास योजनाओं का गीत-संगीत व लोक नाट्य के माध्यम से प्रचार कर लोगों को जागरूक किया।
कलाकारों ने बताया कि कम्प्यूटर एप्लीकेशन व समवर्गी क्रिया-कलापों में प्रशिक्षण एवं दक्षता योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति व जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, एकल परी, विधवा, दिव्यांग के बीपीएल, परिवार से संबंधित अभ्यार्थियों या जिनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम हो, को विभिन्न कम्प्यूटर कोर्स में प्रशिक्षण दिया जाता है। योजना के अंतर्गत 1350 रुपये प्रतिमाह प्रशिक्षण की फीस (दिव्यांग अभ्यार्थियों के लिए 1500 रुपये प्रशिक्षण फीस) तथा प्रशिक्षण के दौरान एक हजार रुपये प्रतिमाह प्रति प्रशिक्षणार्थी छात्रवृत्ति (दिव्यांग अभ्यार्थियों के लिए 1200 रुपये प्रति प्रशिक्षणार्थी छात्रवृत्ति) दी जाती है। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर सफल उम्मीदवार को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र दिया जाएगा और उन्हें छः माह के लिए सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों में कम्प्यूटर एप्लीकेशन में प्रवीणता प्राप्त करने के लिए रखा जाता है तथा इस अवधि के दौरान उन्हें 1500 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति (दिव्यांग अभ्यार्थियों के लिए 1800 रुपये प्रति प्रशिक्षणार्थी छात्रवृत्ति) दी जाती है।
सांस्कृतिक दलों ने लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए विशेष लघु नाटिकाआंे के माध्यम से भी बताया कि नशे का सेवन कितना खतरनाक है और यह युवा पीढ़ी को किस तरह से प्रभावित कर रहा है।
इस अवसर पर कलाकारों ने कोविड-19 के निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन करने बारे लोगों को जगरूक कर कोरोना वैक्सीन लगाने का आग्रह भी किया।