September 16, 2021

Himachalreport.com

in search of truth

बेटी के जन्म पर अब होगी 51,000 की एफडी

मंत्रिमण्डल ने नई योजना बालिका जन्म उपहार योजना आरम्भ करने का भी निर्णय लिया, जिसके तहत बालिका के जन्म पर 51,000, रुपये की एफडीआर की जाएगी, जो अधिकतम दो बालिकाओं के जन्म पर देय होगी। इसी प्रकार विशेष रूप से सक्षम व मानसिक रूप से मंद बच्चों के लिए बाल कल्याण योजना के अन्तर्गत 50 प्रतिशत या उससे अधिक की विकलांगता वाले बच्चों को 20,000 रुपये प्रतिवर्ष प्रदान किए जाएंगे। मंत्रिमण्डल ने पंजीकृत लाभार्थियों की विधवाओं के लिए 1500 रुपये प्रतिमाह पेंशन आरम्भ करने का भी निर्णय लिया। बैठक में छात्रावास सुविधा योजना शुरू करने का भी निर्णय लिया गया जिसके तहत पंजीकृत भवन एवं सन्निर्माण कामगार को किसी भी छात्रावास में रहने वाले अपने बच्चों के रहने और खाने का खर्च वहन करने के लिए अधिकतम 20000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। पंजीकृत लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत अपना घर बनाने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत 1,50000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार (रोजगार नियमन एवं सेवा शर्त) नियम, 2008 में संशोधन और सम्मिलित करने को स्वीकृति प्रदान की गई ताकि योजना का दायरा बढ़ाकर पात्र लाभार्थियों को अधिक लाभ प्रदान किया जा सके। कामगारों के पहली से आठवीं कक्षा तक की लड़कियों को पढ़ाई के लिए दिए जाने वाले 8000 रुपये और लड़कों को 5000 रुपये के स्थान पर अब दोनों के लिए 8400 रुपये प्रतिवर्ष प्रदान किए जाएंगे। इसी तरह नौवीं से बारहवीं कक्षा की लड़कियों को दिए जाने वाले प्रतिवर्ष 11000 रुपये तथा लड़कों को प्रतिवर्ष 8000 रुपये के स्थान पर इन विद्यार्थियों को 12-12 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। स्नातक कक्षा की लड़कियों को 16000 रुपये के स्थान पर 36000 रुपये प्रतिवर्ष तथा लड़कों को भी 12000 रुपये के स्थान पर 36000 रुपये प्रतिवर्ष प्रदान किए जाएंगे। स्नातकोत्तर कक्षा की लड़कियों के लिए 21000 रुपये के स्थान पर 60000 रुपये तथा लड़कों के लिए 17000 रुपये के स्थान पर 60000 रुपये प्रतिवर्ष प्रदान किए जाएंगे। डिप्लोमा कोर्स करने वाली लड़कियों को पूर्व में दिए जा रहे 21000 रुपये व लड़कांे को 17000 रुपये के स्थान पर 48000 रुपये प्रतिवर्ष दिए जाएंगे। व्यवसायिक पाठ्यक्रमों व डिग्री करने वाली लड़कियों को पूर्व में दिए जा रहे 36000 रुपये के स्थान पर 60000 रुपये तथा लड़कों को 27000 रुपये के स्थान पर 60000 रुपये प्रतिवर्ष प्रदान किए जाएंगे। इसी प्रकार पीएचडी अनुसंधान कार्य करने वाली लड़कियों को पूर्व में दिए जा रहे 36000 रुपये के स्थान पर 1.20 लाख रुपये और लड़कों को 27000 रुपये के स्थान पर 1.20 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे।