September 24, 2021

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युवा कलाकारों की प्रतिभा को निखराने का अवसर प्रदान कर रही सरकार

शिमला,
प्रदेश सरकार सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवा कलाकारों की प्रतिभा को निखराने का अवसर प्रदान कर रही है। यह बात आज निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग डाॅ. पंकज ललित ने आजादी का अमृत महोत्सव राज्य स्तरीय लोक नृत्य प्रतियोगिता के अवसर पर बहुउद्देशीय प्रेक्षागृह गेयटी थियेटर शिमला में आयोजित प्रतियोगिता के उद्घाटन के उपरांत अपने संबोधन में कही।
उन्होंने कहा कि भाषा एवं संस्कृति विभाग का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण, संवर्धन तथा प्रचार-प्रसार के साथ-साथ लोक विधा, संस्कृति चेतना व लोक नृत्य को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा पिछले 35 वर्षों से इस तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता रहा है। पिछले वर्ष इस प्रतियोगिता का आयोजन कोरोना महामारी के कारण संभव नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के 12 जिलों के लोक नृत्य दल इस चार दिवसीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करें।
उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर का अंदेशा है फिर भी निर्णय लिया कि इस प्रतियोगिता को हम करवाएं जिससे प्रतिभागियों का भी अपनी संस्कृति के प्रति उत्साह बना रहें। उन्होंने सभी प्रतिभागियों तथा दर्शकों से निवेदन किया कि कोरोना मानक संचालन प्रक्रिया का पूर्ण ध्यान रखें और उसके अनुरूप ही कार्य करें।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश मौसम के लिहाज से विविधता लिए हुए हैं। उसी प्रकार हर क्षेत्र में पकवान व परिधानों की भी विविधता रहती है। लोक नृत्य में भी हिमाचल प्रदेश की अपनी पहचान व विभिन्न रंग विद्यमान है। विभाग का सदैव प्रयास रहा है कि हिमाचल प्रदेश की भाषा, कला व संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन को अधिमान प्रदान कर इसे उत्कृष्ट भाव में प्रदर्शित किया जाए।
उन्होंने कहा कि इस चार दिवसीय प्रतियोगिता में 23 अगस्त को शिमला, हमीरपुर, कुल्लू, 24 अगस्त को चम्बा, मण्डी, ऊना, 25 अगस्त को किन्नौर, सोलन, बिलासपुर तथा 26 अगस्त को लाहौल-स्पीति, सिरमौर व कांगड़ा लोक नृत्य दलों द्वारा अपनी प्रस्तुति दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रथम आए दल को 21 हजार रुपये, द्वितीय आए दल को 15 हजार रुपये तथा तृतीय आए दल को 11 हजार रुपये ईनाम के रूप में दिए जाएंगे।