एपीआई इकाई के लिए 500 करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर

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प्रदेश के ऊना जिले में 500 करोड़ रुपये के एपीआई आधारित फरमंटेशन उत्पादन संयंत्र के लिए आज यहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की उपस्थिति में राज्य सरकार और मैसर्ज कानकाॅर्ड बायोटेक लिमिटेड के बीचएक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
  निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति ने राज्य सरकार जबकि कानकाॅर्ड बायोटेक लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक सुधीर वैद ने कंपनी की ओर से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
परियोजना की स्थापना एपीआई पार्क और उसके आसपास के क्षेत्रों में तीन चरणों में 500 करोड़ रुपये के निवेश के साथ की जाएगी जिसमें 1000 व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त होगा। इस परियोजना की निर्यात क्षमता लगभग 60-65 प्रतिशत होगी। इकाई दो वर्षों में चालू हो जाएगी और क्षेत्र में सामाजिक-आथर््िाक विकास को गति प्रदान करेगी। सरकार ने आवश्यक अनुमति और अनुमोदन प्राप्त करने के लिए कंपनी को पूर्ण समर्थन देने की प्रतिबद्धता जताई है।
कानकाॅर्ड बायोटेक भारत की अग्रणी एकीकृत जैव प्रौद्योगिकी कंपनी है जो इम्यूनोसप्रेसेन्ट, आॅन्कोलाॅजी, एंटी-इनफेक्टिव (जीवाणुरोधी और एंटिफंगल), एंजाइम आदि पर केंद्रित उच्च गुणवत्ता वाले फरमंटेशन-आधारित बायो-फार्मा एपीआई का निर्माण करती है। यह दुनिया में इम्यूनोसप्रेसेन्ट एपीआई के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ताओं में से एक है और 20 से अधिक फरमंटेशन आधारित एपीआई की पेशकश करने वाली एकमात्र भारतीय कंपनी है।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह और अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग आरडी धीमान, अतिरिक्त निदेशक उद्योग तिलक राज शर्मा, संयुक्त निदेशक उद्योग नरेश शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।