October 24, 2021

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लूटरु में विराजमान है चमत्कारी पिण्डी

देवभूमि के नाम से विश्वविख्यात हिमाचल प्रदेश में अनेकों दर्शनीय जगहंे हैं।
इसी कड़ी के अन्तर्गत अर्की में स्थित श्री लूटरु महादेव गुफा भी लाखों भक्तों की
आस्था का केन्द्र बना हुआ है। अर्की नगर के ठीक उपर स्थित यह प्राचीन गुफा
का अलौकिक नजारा देखते ही बनता है। मान्यता है कि यहां साक्षात शिव विराजमान
है। उल्लेखनीय है कि यह गुफा भगवान परशुराम, अगस्तय मुनि और अज्ञातवास
के दौरान पाण्डवांे की तपोस्थली भी रही है।
विश्वविख्यात इस प्राचीन गुफा के
में स्वंय भू पिण्डी के दर्शनों के लिए प्रदेश ही नहीं अपितु राजस्थान, पंजाब, हरियाणा
और उतर प्रदेश के श्रद्वालु भारी संख्या में पहुंचकर यहां अपना शीश नवाते हैं,
और भोलेनाथ यहां शरण में आए भक्तों की हर मुराद पूरी करते हैं।
यह भी सर्वविदित है कि पुराने समय में
यहां शिव पिण्डी पर स्वयं ही दूध का अभिषेक हुआ करता था और आज भी
चमत्कारी पिण्डी पर जल धारा गिरती है, जो कि मन को शांत और प्रस्नन कर देने वाला है।
भगवान भोलेनाथ के भक्त यहां श्रद्वा भाव से आकर
पिण्डी पर दूध,जल और बिल पत्र अर्पित करते हैं और गुफा के भीतर सकारात्मक उर्जा का आनंद
लेकर भक्ति रस का आनंद प्राप्त करते हैं। यहां गुफा के साथ बाबा जी की समाधी भी बनाई गई है।
साथ ही लूटरु महादेव समिती द्वारा यहां मन्दिर परिसर को फूलों और अन्य सभी प्रकार
की सुख सुविधाओं से लैस किया गया है जो कि इस मन्दिर की खूबसूरती को चार चांद लगा
देता है। सुबह सूर्य की पहली किरण गुफा के उपर बची खुली जगह से सीधे पीण्डी पर गिरती है
जो किसी चमत्कार से कम नहीं है।
सेवा समिती द्वारा यहां आने जाने वाले श्रद्वालुओं
का खूब सम्मान किया जाता है बात चाहे उनके ठहरने की हो या फिर किसी अन्य सुविधा की
वर्तमान में बाबा श्री राम कृपाल भारती जी महाराज देख-रेख में गुफा का संचालन चल रहा है।
लूटरु महादेव गुफा में महाशिवरा़त्री के दिन तो नजारा देखते ही बनता
है अन्य दिनों की भान्ति सुबह 4 बजे भोले नाथ की आरती के उपरान्त पूरा ही दिन हजारों श्रद्वालु
शिव शंकर के दर्शनों के लिए कतारों में लगे रहते हैं और पूरा दिन भगवान भोले नाथ के जयकारों
के साथ भक्तिरस की खूब ब्यार बहती रहती है, व्रतधारियों के लिए यहां समिती द्वारा भण्डारे की व्यवस्था
भी की जाती है और पूर्व की रात से जगह-जगह से आए शंभू और भक्त पूरी रात भोले के भजनों से गुफा को गुंजाएमान करते हैं।