May 23, 2022

दूसरो को नसीहत खुद पुलिस बाबू फजीहत

Spread the love

अर्कीः दूसरो को नसीहत और खुद दरोगा फजीहत वाली कहावत इन दिनों थाना प्रभारी अर्की पर सटीक बैठ रही है। बतातें चलें कि पुलिस विभाग में कार्यरत्त सभी पुलिसकर्मियों को होम विभाग द्वारा ड्रैस कोड निर्धारित किया गया है, जैसे कि वर्दी,
टोपी, नेम प्लेट,जूते इत्यादि, जो कि एक प्रकार से अनुशासन के अनूरूप है। बतातें चलें कि वर्तमान में अर्की थाना में थाना प्रभारी आज दोपहर दबंग दरोगा बनकर नए बस अडृडे के पास खडे दिखे। साथ में एक हैड काॅंसटेबल जो हाथ मंे चालान

मशीन लेकर कानून की पींपडी बजा रहा था, बता दें कि एचआर 39 09329 गाडी का चालान काटते समय थाना प्रभारी मौका पर मौजूद थे। पर एसएचओ साहिब खुद तो अनुशाासन में नहीं थे और दूसरों को कानून का ज्ञान बांटते दिखाई दिए। इस बावत जब हिमाचल रिपोर्ट के कैमरे की तीखी नजर मामले पर गई तो दरोगा कैमरो देख कर बोल उठे तू यहां से निकल जा, मैं तो चालान ही कर रहा हूं। गौर हो कि दूसरों को ज्ञान बांटने वाले ये पुलिस वाले खुद कितनी कानून की पालना करते है। चिराग तले अंधेरा वाली कहावत तो तब यर्थाथ हो गई जब एसएचओ साहिब के बिना वर्दी वाले अंदाज की शिकायत को लेकर डीएसपी दारलाघाट से बात की गई तो डीएसपी दाडलाधाट ने बताया कि जो वर्दी में एसचओ का होना आवश्क है । अगर साथ था तो गलत है। एएसपी सोलन अशोक वर्मा अगर हमारे एसएचओ ने कैप नहीं पहनी थी तो कोई बात नही थोडी देर के लिए उतार दी होगी। गौर हो की जब कानून के रक्षक ही कानून की पालना नहीं करते हैं तो आम आदमी पर कानून का खंजर क्यों चलता है ं बता दें कि उक्त थानेदार के खिलाफ पहले ही अर्की न्यायालय में हिरासत हिंसा का मामला धारा 156.3 के अन्तर्गत विचाराधीन है। जिसमें कि पत्रकार को गंभीर चोटें आने की पुष्टि की गई हैं।