June 26, 2022

अपना महत्व कम होता देख जनमंच को कोस रहे हैं जगत सिंह नेगी: भाजपा

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  • कांग्रेस विधायक के बयान पर भाजपा नेता संजीव हारा का पलटवार
  • कहा, सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर खामियां तलाशना नेगी की पुरानी आदत

शिमला , भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी के उस बयान पर पलटवार किया है जिसमें उन्होंने प्रदेश सरकार के जनमंच कार्यक्रम पर सवाल उठाए थे। जगत सिंह नेगी ने जनमंच कार्यक्रम पर टिप्पणी करते हुए इसे लंच मंच बताया था। कांग्रेस विधायक के इस बयान पर भाजपा जिला अध्यक्ष किन्नौर संजीव हारा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जगत सिंह नेगी को यह रास नहीं आ रहा कि क्यों सरकार सीधे जनता तक पहुंच रही है। अपना महत्व कम होता देख जगत सिंह नेगी अब जनमंच ही नहीं, हर सरकारी योजना पर सवाल उठाने लग गए हैं।

संजीव हीरा ने कहा कि प्रदेश में जब से जयराम सरकार बनी तब से लेकर लगातार हर महीने के पहले रविवार को लोगों की शिकायतों एवं समस्याओं का निपटारा ऑन द स्पॉट करने के लिए जनमंच कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। सिर्फ कोरोना संकट के दौरान ही यह गतिविधि नहीं हो सकी। प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए जन समस्याओं को उनके घरद्वार पर ही निपटाने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जून 2018 से जनमंच कार्यक्रम शुरू किया। भाजपा नेता ने कहा कि जगत सिंह नेगी यह बताएं कि अब तक जिन दो लाख से अधिक लोगों की समस्याओं का समाधान हुआ क्या वे लंच करने जाते थे?

भाजपा किन्नौर जिला अध्यक्ष संजीव ने कहा कि जगत सिंह नेगी प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं में भी खामियां तलाशते हैं, जो उनकी पुरानी आदत है। उन्होंने कहा कि अब तक प्रदेश 232 जनमंच कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें 53 हजार 665 शिकायतें एवं मांगे प्राप्त हुई, जिनमें से 93 प्रतिशत शिकायतों का निपटारा किया गया। भाजपा नेता ने कहा कि जयराम सरकार के मंत्री जनमंच कार्यक्रम में हर क्षेत्रों में समस्याओं का समाधान तुरंत प्रभाव से करते हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर हर महीने जनमंच प्रोग्राम की मॉनीटरिंग स्वयं करते हैं। किन्नौर में भी अब तक हजारों लोग इस कार्यक्रम का लाभ उठा चुके हैं। चूंकि जनमंच के माध्यम से लोग सीधे सरकार तक अपनी बात रख रहे हैं, शायद इसीलिए जगत सिंह नेगी को असुरक्षा महसूस हो रही है। अब वह दौर खत्म हो गया जब कुछ नेता अपना रुतबा बनाए रखने के लिए जनता की समस्याओं को लटकाकर रखते थे। शायद जगत सिंह नेगी को भी यही बात परेशान कर रही है कि अब लोग उन्हें अपनी समस्या बताने के बजाय जनमंच जा रहे हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि अगर ऐसा है तो जगत सिंह नेगी को जनमंच जैसी योजनाओं पर सवाल उठाने के बजाय अपने व्यवहार पर मंथन करना चाहिए। संजीव हीरा ने कहा कि जगत सिंह नेगी को जनता के लिए काम करने के बजाय सोशल मीडिया पर वाहवाही बटोरने के लिए कुछ भी बयान देने की आदत लग गई है, इसीलिए वह जनता का विश्वास खो चुके हैं।