September 16, 2021

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कोरोना कफ्र्यू 31 मई, 2021 तक

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की गई। कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए मंत्रिमण्डल ने पूरे प्रदेश में पहले से लगाई गई सभी पाबंदियों सहित कोरोना कफ्र्यू 31 मई, 2021 तक बढ़ाने का निर्णय लिया। बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में निजी अस्पतालों को उनके संस्थानों में टीकाकरण में वृद्धि करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। विधायक सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी के साथ होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड रोगियों के कल्याण तथा उपचार सुनिश्चित करने की समीक्षा करेंगे।
बैठक के दौरान वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आबकारी नीति को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके तहत इस वर्ष 1829 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करने की परिकल्पना की गई है, जो वित्त वर्ष 2020-21 के मुकाबले 14 प्रतिशत वृद्धि के साथ 228 करोड़ रुपये अधिक है।
मंत्रिमण्डल ने कोविड के कारण उत्पन्न वर्तमान स्थिति के दृष्टिगत आबकारी वर्ष 2020-21 को एक माह बढ़ाकर 30 जून, 2021 तक करने का निर्णय लिया। नई आबकारी नीति प्रथम जुलाई, 2021 से 31 मार्च, 2022 तक नौ महीनों के लिए लागू रहेगी। प्रदेश में पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी को रोकने, शराब की कीमतों में कटौती करने तथा सरकारी राजस्व में पर्याप्त वृद्धि करने के उद्देश्य से खुदरा आबकारी ठेकों को यूनिट/ठेके की कीमत के तीन प्रतिशत की नवीनीकरण फीस पर वर्ष 2021-22 के लिए ठेकों के नवीनीकरण की मंजूरी प्रदान की गई। नई नीति के अनुसार आइएमएफएल के कम कीमत वाले ब्राण्ड सस्ते होंगे क्योंकि लाइसेंस फीस तथा एक्साइज डयूटी में कटौती तथा अन्तर जिला व जिले के भीतर कोटे के ट्रांसफर की सुविधा को स्वीकृति प्रदान की गई है। नई आबकारी नीति शराब निर्माताओं तथा बाॅटलर्ज को देसी शराब के कोटे का 15 प्रतिशत रिटेल लाइसेंसधारक को आपूर्ति करने की सुविधा देगी। रिटेल लाइसेंसधारक शेष 85 प्रतिशत कोटा अपनी पसंद के आपूर्तिकर्ता से ले सकेंगे। यह पहले 30 प्रतिशत था। इसमें लाइसेंस फीस में पांच प्रतिशत और कोटे में तीन प्रतिशत की वृद्धि की परिकल्पना की गई है। टेंट आवास में शराब परोसने के लिए नये लाइसेंस को मंजूरी प्रदान की गई तथा वाइन उत्पादन इकाइयों तथा वाइन टेस्टिंग फेस्टिवल में विजिटर सेंटर के लिए नए लाइसेंस को स्वीकृति प्रदान की गई। इसी प्रकार कुछ नियमों और शर्तों के साथ पैट्रोलियम कम्पनियों को विशेष आपूर्ति के उद्देश्य के लिए इथेनाॅल के उत्पादन के लिए डी-2ई फार्म में नए लाइसेंस को स्वीकृति प्रदान की गई तथा डिपार्टमेंटल स्टोर में शराब के कुछ उच्च स्तरीय ब्रांड की बिक्री के लिए एल-10बीबी फार्म में लाइसेंस को स्वीकृति प्रदान की गई। होटलों के बार में शराब के कोटे में 50 प्रतिशत की कटौती की गई। सीएसडी कैन्टीन के लिए लाइसेंस फीस में कटौती की गई तथा सभी केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को एल-9 व एल-9ए के रूप में कैन्टीन के शराब लाइसेंस की सुविधा प्रदान की गई।
मंत्रिमंडल ने अंतरराज्यीय और राज्य के भीतर शराब तस्करी, अवैध व्यापार और शराब की अवैध विक्री के कारण राजकोष को होने वाले आबकारी राजस्व घाटे को रोकने के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग में आबकारी पुलिस की सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की। सब-वेन्ड जोड़ने की लागत में काफी कमी की गई है और तय कोटा न उठाने पर लगाए जाने वाले जुर्माने का युक्तिकरण किया गया है, जबकि थोक व्यापारियों को भंडारण तथा परिवहन के दौरान ब्रेकेज को 0.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.6 प्रतिशत किया गया है। इस नीति के अन्तर्गत सभी हितधारकों जैसे सरकार, उपभोक्ता, खुदरा विक्रेता, थोक विक्रेता, बोटलिंग प्लांट, डिस्टिलरीज और होटल व बार को शामिल किया गया है।विभाग द्वारा सभी वर्गों से फीडबैक लिया गया, जिस आधार पर निर्णय लिए गए।
मंत्रिमंडल ने चालू वर्ष के टोल पट्टों को 30 जून, 2021 तक एक माह तक बढ़ाने का निर्णय भी लिया, जिसकी बाद में नीलामी की जाएगी। वर्ष 2021-21 के लिए पट्टे 1 जुलाई, 2021 से 31 मार्च, 2022 तक कार्यशील रहेंगे।
मंत्रिमण्डल ने बजट 2021-22 में मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार चारा विकास परियोजना के क्रियान्वयन के लिए नई योजना को स्वीकृति दी। यह परियोजना प्रदेश में उच्च पैदावार वाली घास की सदाबहार किस्मों और चारे के लिए उपयोग किए जाने वाले वृक्षों के पौधरोपण तथा किसानों तथा गौ-सदनों में बांटने को भी बढ़ावा देगी।
बैठक में मण्डी, सोलन तथा पालमपुर में नव सृजित नगर निगमों के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक निगम में विभिन्न श्रेणियों के 11 पदों सहित कुल 33 पद स्वीकृत किए गए।